(RDBMS) रिलेशनल डेटाबेस क्या है (DBMS और RDBMS में अंतर)

रिलेशनल डेटाबेस क्या है

रिलेशनल डेटाबेस मतलब ऐसा डाटा जो टेबल की फॉर्म में होता है। रिलेशनल डेटाबेस में एक टेबल दूसरे टेबल से रिलेशनशिप दर्शाते हैं।

RDBMS क्या है [what is RDBMS in Hindi]

आरडीबीएमएस का पूरा नाम है Relational Database Management System.

RDBMS एक सॉफ्टवेयर सिस्टम है जिसका उपयोग डाटा को table की form में स्टोर करने के लिए किया जाता है।

table के columns को attributes और rows को tuples कहा जाता है।

RDBMS के द्वारा database में data को एक्सेस करने के लिए SQL queries (language) को यूज किया जाता है।

RDBMS के कुछ लोकप्रिय उदाहरण है MySQL, PostgreSQL, Oracle, IBM Db2, SQLite, MariaDB, Hive and Microsoft SQL Server.

DBMS और RDBMS में अंतर|Difference Between BDMS & RDBMS in hindi

DBMSRDBMS
1. DBMS सॉफ्टवेर का उपयोग डाटा को File की फॉर्म में स्टोर करने के लिए किया जाता है 1. RDBMS सॉफ्टवेर का उपयोग डाटा को Table की फॉर्म में स्टोर करने के लिए किया जाता है।
2. DBMS में Normalization नहीं होता। 2. RDBMS में Normalization होता है।
3. DBMS को एक समय में एक ही यूजर एक्सेस कर सकता है। 3. RDBMS को एक से ज्यादा भी यूजर भी एक्सेस कर सकते है।
4. डेटा को स्टोर करने के DBMS model में सिक्यूरिटी का अभाव है। 4. RDBMS में log files बनी होती है जिसकी वजह से RDBMS model में स्टोर डेटा की सिक्यूरिटी बढाती है।
5. DBMS का उपयोग छूटे संस्थानों में किया जाता है। DBMS में बड़े मात्रा में डाटा स्टोर नहीं किया जा सकता। 5. RDBMS का उपयोग बड़े संस्थानों में किया जाता है। RDBMS में बहुत ही बड़े मात्रा में डाटा स्टोर किया जा सकता है।
6. DBMS में डेटा के बीचे कोईभी रिलेशन डिफाइन नहीं होता। 6. वही RDBMS में टेबल फॉर्म में स्टोर डेटा के बीच रिलेशन होता है जिसे foreign key की मदद से दर्शाया जाता है।

RDBMS में Table क्या है

हमने निचे आपको RDBMS में table से जुड़े element के बारेमे बताया है। जो table स्टोर डाटा को दर्शाते है।

RDBMS table

Table – एक टेबल को रिलेशन भी कहा जाता है। ऊपर के table का नाम Student है। इसमें डाटा Rows और Columns में स्टोर होता है।

Rows – टेबल में मौजूद हर एक Rows को Records या Tuples भी कहा जाता है।

Columns – टेबल में मौजूद हर एक Columns को fields या attributes भी कहा जाता है। हर Column में सेक्सी टाइप की माहिती होती है।

Degree – एक टेबल में Column की संख्या कितनी होती है उसे टेबल की Degree कहा जाता है।

Cardinality – एक टेबल में Rows की संख्या कितनी होती है उसे टेबल की cardinality कहा जाता है। जैसे कि ऊपर के टेबल में Rows की संख्या 5 हैं तो टेबल की cardinality 5 होगी।

RDBMS keys in Hindi

RDBMS में कुल मिलाकर 7 types की Key होती है:

  1. Primary Key
  2. Super Key
  3. Candidate Key
  4. Alternate Key
  5. Foreign Key
  6. Composite Key
  7. Unique Key

चलिए सभी Keys को एक एक करके समजते है।

1. Primary Key

टेबल में एक ऐसी column (field) होती है जो टेबल में मौजूद हर एक रिकॉर्ड को unique दिखाने में मदद करती है। एक टेबल में सिर्फ एक ही Primary key हो सकती है। primary key में Rows को दर्शाने के लिए सेम वैल्यूज नहीं हो सकती। primary key में हर वैल्यू अलग अलग होनी चाहिए और उसमे एक भी वैल्यू रिपीट भी नहीं होनी चाहिए।

Primary Key (PK) Constraint में Null Value और Duplicate Value होना मान्य नहीं है।

2. Super Key

Super Key उन सभी Keys का सेट होता है जो Table में हर Rows को यूनिक दर्शाता है। Super Key सभी candidate key का superset होता है। टेबल के Primary Key को Super Key से चुना जाता है।

3. Candidate Key

Table में जो भी column सभी Rows को यूनिक दर्शाता है वह Candidate Key होगी। हर Candidate Key में Primary Keys की प्रोपर्टीज होती है। एक टेबल में एक या एक से ज्यादा भी Candidate Keys सकती होती है लेकिन Primary Key सिर्फ एक ही होगी।

4. Alternate Key

एक टेबल में Primary Key बनाने के लिए एक से ज्यादा ऑप्शन हो सकते है ऐसे में Primary Key सिर्फ एक ही चुनी जाती है तब जो बाकि बचे आप्शन होते है उन्हें Alternate Key कहा जाता है।

5. Foreign Key

Foreign Key का उपयोग दो टेबलस में रिलेशन बनाने के लिए किया जाता है। एक टेबल की Foreign Key किसी अन्य टेबल की Primary Key होती है।

6. Composite Key

Composite Key का मतलब टेबल में दो और दो से ज्यादा Columns के ऐसे सेटस जो Tuples या Rows को यूनिक दर्शाते है। इन सेट्स के column को अलग करने पर उनके Attributes शायद सेम नहीं हो सकते है।

7. Unique Key

Unique Key मतलब column या column का सेट जो Table में सभी Tuples को Unique बनाता है। इस Key की सभी Values अलग होनी चाहिए। यह Primary Key से अलग है चूकी Unique Key में सिर्फ एक Null Value हो सकती है लेकिन Primary Key में एक भी Null Value नहीं हो सकती।

रिलेशनल डेटाबेस की विशेषताएं (लाभ)

1. Simple model – relational database system एक बहुत ही simple model है इसे यूज करने के लिए कठिन क्वेरीज की जरूरत नहीं है।इसका स्ट्रक्चर बहुत सिंपल है जिसे SQL queries की मदद से यूज किया जाता है।

2. Structure – (RDBMS) relational database system में primary key और foreign key की मदद से एक टेबल दूसरे टेबल से जुड़ा होता है। लेकिन इसके लिए बहुत से structures की जरूरत होती है। यह structures कुछ स्थितियों में अच्छे होते हैं लेकिन यह अन्य कमियों को पैदा करते हैं। जैसे कि रखरखाव और लचीलापन और मापनियता की कमी।

3. Collaboration – एक से अधिक यूजर एक ही समय में एक रिलेशनल डेटाबेस को एक्सेस कर सकते हैं। इसमें यदि डाटा अपडेट किया जाता है तो भी यूजर उन्हें आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। इसलिए, मल्टी एक्सेस से होने वाली दुर्घटनाओं को संभवत: रोका जा सकता है।

4. Easy of use – रिलेशनल डेटाबेस के साथ SQL यह मुख्य क्वेरी भाषा है। इसके उपयोग से कठिन वेयर इज को भी आसानी से हल किया जा सकता है।

5. Security – चूंकी relational database में डाटा को टेबल के फॉर्म में विभाजित किया जाता है। इसलिए कुछ टेबल को गोपनीयता के रूप में टैग क्या जाना संभव है। जिससे रिलेशनल डेटाबेस की security होती है।

रिलेशनल डेटाबेस की हानी

1. Cost – एक रिलेशनल डेटाबेस स्थापित करने के लिए अलग सॉफ्टवेयर होना चाहिए जिसे खरीदने की जरूरत होती है।और इस सिस्टम को चलाने के लिए एक पेशेवर डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर की जरूरत होती है। यही कारण है कि यह महंगा हो सकता है।

2. Performance – हमेशा रिलेशनल डेटाबेस का प्रदर्शन टेबलस की संख्या पर निर्भर रहता है। टेबल की संख्या अधिक होगी तो प्रश्नों के उत्तर दें में आएंगे। इसलिए अधिक डाटा उपस्थित न केवल मशीन को धीमा कर सकता है बल्कि यह जानकारी प्राप्त करना जटिल बना सकता है।

3. Information loss – बड़े संगठन अधिक टेबल ओं के साथ अधिक संख्या में डेटाबेस सिस्टम का उपयोग करते हैं। इस जानकारी को एक सिस्टम से दूसरे सिस्टम में ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे डाटा हानी का खतरा हो सकता है। इससे डाटा हानि का खतरा हो सकता है।

आखिर में…

RDBMS को सीखने का यह सही समय है। क्योंकि आजके समय data बहुत ज्यादा प्रोड्यूस हो रहा है। ऐसे में डेटाबेस को मैनेज करने के लिए Data administrators कि जरूरत होगी। Oracle, MySQL, PostgreSQL यह सबसे ज्यादा यूज़ की जाने वाली RDBMS systems है।

किसीभी Relational Database Management System को सिखाना बहुत आसन है। आपको एक रिलेशनल डेटाबेस सिस्टम को सिखाने के लिए ज्यादा से ज्यादा 1 महिने का समय लग सकता है।

आप इन RDBMS को youtube से विडियो टुटोरिअल देखकर या फिर w3schools.com पर टुटोरिअल को पढ़कर सिख सकते हो। लेकिन आपको सिखते समय प्रैक्टिस भी करना होगा।

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