OOPS Concepts in C++ in Hindi

OOPs Concepts in C++ in hindi

OOP का full form है Object-Oriented Programming.

C++ एक Object-Oriented Programming लैंग्वेज है। Object-Oriented Programming में सभी code Object के बेसिस पर लिखा जाता है। Object मतलब रियल लाइफ object होते है जैसे की पेन, बुक, कंप्यूटर.

OOPs में आप complex code को Object की मदद से स्मॉलर प्रॉब्लम में तोड़ सकते हो और हल कर सकते हो।

इस पोस्ट में आप c++ में OOPs का यूज़ करके Programming कैसे किया जाता है यह सीखोगे।

C++ Class

C++ में class एक blue-print है जो objects के ग्रुप को दर्शाता है।

Class एक यूजर के द्वारा define क्या हुआ data type है।

Class में data members और data functions होते हैं। जिन्हें Attributes और Methods भी कहा जाता है। इन्हें class के objects के द्वारा यूज़ किया जाता है।

उदाहरण – मान लिजिए mobile एक class है। तो mobile के नाम और ब्रैंड अलग अलग हो सकते हैं। लेकिन मोबाइल का कलर, बैटरी सभी मोबाइल में होता कॉमन है। इन्हें attribute कहां जाता है।

Create a Class

Class को बनाने के लिए class Keyword का उपयोग करते हैं।

उदाहरण : “MyNewClass” नाम का class बनाते हैं।

 #include <iostream>
 #include <string>
 using namespace std;

 Class MyNewClass {

 Public: // Access Specifier 

 int myNum; // Attribute 

 String myString; // 

 Attribute

 };

C++ Object

Object मतलब class का उदाहरण होता है। जैसे कि मैंने ऊपर बताया था कि Mobile Class है तो उसके object होंगे MI, Vivo, Samsung आदि।

Class में मौजूद attributes को objects की मदद से यूज़ किया जाता है।

Create Object

C++ में class कि मदद से object बनाते हैं। ने पहले ही ऊपर MyNewClass यह class बनाया है। तो हम इसी class का यूज करके object बनाते हैं।

MyObject नाम का object बनाने के लिए पहले class name और उसके बाद object name लिखना होता है।

class attributes एक्सेस करने के लिए (myNum और myString) (.) Syntax का उपयोग object के बाद करो।

उदाहरण : MyObject नाम का object बनाकर attributes को Access करते हैं।

 #include <iostream>
 #include <string>
 using namespace std;

 Class MyNewClass {
  
  Public: // Access Specifier 

  int myNum; // Attribute 

  String myString; // Attribute
 };

 int main() {

 MyNewClass myObject; // create an object of MyNewClass

 //Access attributes and set values

 myObject.myNum = 25;
 myObject.myString = "text here";

 //Print attributes values

 cout << myObject.myNum << "\n";
 cout << myObject.myString;

 return 0;

 }

Output : 25, text here

Class Methods

Methods मतलब functions होते हैं जो class से जुड़े होते हैं।

Function को दर्शाने के दो प्रकार होते हैं।

  1. Inside Class Definition
  2. Outside Class Definition

Note – आप जैसे Attributes को Access करते हैं उसी तरह से ही Methods को भी Access किया जाता है। Object को class की मदद से create करने के बाद (.) Intex Syntax लगाकर Access करना होता है।

inside Example


 #include <iostream>
 #include <string>
 using namespace std;

 class MyNewClass {    // the Class
  Public:               // Access Specifier
   Void myMethod() {              // Method/Function defined inside a class
      cout << "Hello World!";
  }
 };

 int main() {
   MyClass myObject;     // create an Object MyNewClass
   myObject.myMethod(); // call method
   return 0;
 }

Function को Class के बाहर डिफाइन करने के लिए आपको पहले इसे class के अंदर डिक्लेअर करना होगा और बादमे आप इसे class के बाहर डिफाइन कर सकते हो। इसे डिफाइन करने के लिए आपको class के नाम के बाद :: operator लगाके function का नाम लगाना है।

Outside Example

 #include <iostream>
 #include <string>
 using namespace std;
  
 class MyNewClass {    // the Class
 Public:               // Access Specifier
 Void myMethod() {              // Method/Function defined inside a class
      cout << "Hello World!";
 }
 
 // My Method/Function defination outside the class
 
 Void MyNewClass::myMethod() {
   cout << "Hello World!";
 }

 int main() {
    MyClass myObject;     // create an Object MyNewClass
    myObject.myMethod(); // call method   
    return 0;
 }

Inheritance in C++ in Hindi

जब एक class अन्य class में मौजूद Attributes और Methods को एक्सेस करता है तो इसे Inheritance कहा जाता है।

Inheritance को object oriented programming का एक महत्वपूर्ण feature माना जाता है।

Sub Class – यह class दूसरे class से attributes और methods को एक्सप्रेस करता है।

Super Class – इस Class से Sub Class के द्वारा Attributes और Methods को Access किया जाता है।

Re-Usability – Inheritance के द्वारा code को reuse किया जाता है। यदि हम New Class बनाना चाहते हैं। लेकिन पहले से मौजूद class में ऐसा code है जिसे हम new class में भी चाहते हैं। तो उसे हम inheritance की मदद से access कर सकते हैं।

Abstraction in C++ in Hindi

C++ में data abstraction यह object oriented programming का एक महत्वपूर्ण फीचर है।

Abstraction का मतलब सिर्फ जरूरी जानकारी को दिखाना और बाकी सभी डिटेल्स को छुपाना होता है।

Data abstraction का उपयोग data के संबंधित सिर्फ जरूरी जानकारी दुनिया को दिखाने के लिए किया जाता है।

Real-life उदाहरण से समझते हैं –

आप मोबाइल यूज करते हो तो मोबाइल से कॉल लगाने के लिए सिर्फ कुछ बटन दबाते हो और कॉल लगाते हो।

कॉल कैसे लगा, मोबाइल में कौन से part लगाए गए हैं। इससे आपको कुछ भी लेना देना नहीं होता। यही कारण एक है कि mobile के parts आपसे छुपाए जाते हैं। इसी को Data Abstraction कहां जाता है।

Polymorphism in C++ in Hindi

Polymorphism मतलब एक से ज्यादा फॉर्म।

C++ में polymorphism मतलब एक ही entity (फंक्शन और ऑब्जेक्ट) अलग अलग परिस्थिति में अलग अलग कार्य करते हैं।

उदाहरण – एक आदमी एक समय में पिता, बेटा, पति, और कर्मचारी हो सकता है और अलग-अलग परिस्थितियों में अलग अलग कार्य करता है।

Encapsulation in C++ in Hindi

Encapsulation का मतलब, यह संवेदनशीलता टाइगर से छुपाता है। इसके लिए आपको class के attributes को Private (Class के बाहर से एक्सेस नहीं किया जा सकता।) करके declare करना होगा।

यदि आप Private member के value को read या modify करना चाहते हैं तो आप Public get और set method को प्रोवाइड कर सकते हैं।

Encapsulation को उदाहरण से समझते हैं।

एक कंपनी में कई सेक्शन है जैसे कि account section, marketing section, finance section यहां पर account section के द्वारा सभी accounting से संबंधित जानकारी संभाजी रहती है, finance section के द्वारा सभी finance के संबंधित जानकारी संभाली जाती है। लेकिन इस समय account section के एक आदमी को finance section कि कुछ जानकारी चाहिए होती है। तब उसे यह जानती डायरेक्ट एक्सेस करने की अनुमति नहीं होती। इसके लिए उसे पहले finance section के अधिकारी से संपर्क करना होगा और उनसे विशेष डेटा तक देने का अनुरोध करना होगा। इसी प्रक्रिया को इनकैप्सूलेशन कहां जाता है।

Encapsulation में data को छुपाया भी जाता है। यहां पर किसी भी section का data अन्य section से छुपाया जा सकता है।

Application of OOP in C++ in Hindi

  • Real-Time System Design: Real-Time System Complexities को inherits करता है और इसे बिल्ड करने के लिए डिफिकल्ट बनाता है। OOP तकनीक उन complexities को आसान बनाता है।
  • Hypertext and Hypermedia: Hypertext रेगुलर टेक्स्ट के सिमिलर है जैसे की इसे आसानी से स्टोर, एडिट, और सर्च किया जा सकता। hypermedia को hypertext का supertext कहा जाता है। OOP hypermedia और hypertext का ढ़ांच तैयार करने में मदद करता है।
  • AI Expert System: complex problem को सुलझा में के लिए कंप्यूटर एप्लीकेशन होते है। जो मानव मेंदू से कई ज्यादा पॉवर फुल होते है। OOPs उन जैसे AI Expert System को बनाने में मदद करता है।
  • object-Oriented database: डेटाबेस वास्तविक दुनिया और डेटाबेस ऑब्जेक्ट के बिच एक सिधा पत्राचार बनाये रखने की कोशिश करते है ताकि object को पहचान और अखंडता बनाये रखने को दिया जा सके।
  • Client-server System: Object-Oriented client-server system ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड सर्वर सिस्टम (OSCI) एप्लीकेशन बनाने के लिए IT इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करता है।

दोस्त मुझे उम्मीद है की आपको OOPs Concepts in c++ in hindi समज आया होगा। लेकिन फिरभी आपका कोई प्रश्न हो तो उसे comment में जरुर लिखो मई उसका जवाब देनेकी जरुर कोशिश करूँगा। इसके आलावा यदि आपको यह पोस्ट valuable लगी हो तो इसे अपने क्लासमेट दोस्तों के साथ प्लीज शेयर करो।

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