Object oriented programming Kya Hai in Hindi (OOPs के विशेषता)

Object Oriented Programming kya hai

इस पोस्ट में, हम object oriented programming के बारे में सीखने वाले है। जिसमें हम OOPs क्या है, OOPs के features, OOPs के advantages और disadvantages को भी समझने वाले हैं।

OOPs (object oriented programming kya hai in Hindi)

Object-oriented programming यह एक programming करने का तरीका है। इसमें सभी चीजें class और object की मदद से होती है। इसमें real world के object का उपयोग करके program लिखा जाता है। ऑब्जेक्ट मतलब pen, table, cat, computer जैसे होते हैं।

हर ऑब्जेक्ट का Class, Attributes, Methods होते है।

नीचे, जिनके बारे में हमेंने विस्तार से बताया है।

Class, Object, Attributes, और Methods in OOPs in Hindi

Class – class एक यूजर डिफाइंड डाटा टाइप होता है। जिसका उपयोग objects बनाने के लिए किया जाता है।

Object – object एक real-world का साधन होता है। जैसी की – pen, computer, car, dog, table आदि।
Object को class की मदद से डिफाइन किया जाता है।

Attributes – यह object के state को दर्शाते। उदाहरण के लिए – car एक object है तो car का वजन और car का कलर यह उसके Attributes होंगे।

Methods – Methods मतलब functions होते हैं। इन्हें class के अंदर डिफाइन किया जाता है। यह object के behaviour को दर्शाते हैं।

Methods का उपयोग code के reuse के लिए किया जाता है।

Class, Object, Attributes और Methods का रिलेशन

class – Mobile
Objects – MI, Samsung, Vivo
Attributes – कलर, वजन
Methods – कॉल लगाना, वीडियो देखना है

Features of Object-oriented Programming in Hindi

Inheritance

यह एक कोशिश है जिसमें एक क्लास दूसरी क्लास के attributes और methods का उपयोग करता है।

Inheritance का उपयोग कोड को reuse करने के लिए किया जाता है। इसकी वजह से प्रोग्राम की लंबाई कम होती है।

  • Parent Class – वह क्लास जिस क्लास के attributes और methods का उपयोग दूसरी क्लास में किया है।
  • Child Class – यह parent class से attributes और methods को reuse करने वाली क्लास है। Child class में उसकी खुद के भी attributes और methods हो सकते हैं।

Abstraction

Abstraction की प्रोसेस में एप्लीकेशन के इंटरनल डिटेल को बाहरी दुनिया से छुपाया जाता है।

Abstraction का उपयोग चीजों को आसान तरीके से दिखाने के लिए किया जाता है।

उदाहरण – abstraction का मोबाइल एक अच्छा उदाहरण है।
आप मोबाइल पर कुछ बटन क्लिक करके कॉल लगाते हैं और बातें करते हैं। उसके लिए आपको कॉल कैसे लगा, मोबाइल में कौन से कॉम्पोनेंट का उपयोग हुआ है। इसे जानने की कोई जरूरत नहीं होती

इसी इंटरनल चीजों को यूज़र से छुपाने के प्रक्रिया को Abstraction कहते हैं।

Polymorphism

Polymorphism एक ऐसी क्षमता है जिसमें डेटा विभिन्न में स्थितियों में विभिन्न प्रकार से दर्शाया जाता है।

Polymorphism का मतलब इसके शब्द से ही पता चलता है जैसे कि Poly मतलब एक से अधिक और morphism मतलब प्रकार

इसका OOP में सबसे ज्यादा उपयोग child class के object को दर्शन के लिए parent class का reference लेने में होता है।

उदाहरण – एक इंसान जीवन में अलग-अलग रोल निभाता है।
जैसे कि एक स्त्री एक समय पर एक मां, एक बीवी, एक मुलगी, एक कर्मचारी भी हो सकती है।
इसी तरह से एक व्यक्ति के एक से ज्यादा रूप होते हैं। लेकिन उन्हें परिस्थितियों के तौर पर उपयोग में लाया जाता है।

Encapsulation

Encapsulation एक object oriented programming concept है।

Object के attributes और methods को स्पेसिफिक क्लास में रखा जाता है। दूसरे ऑब्जेक्ट्स के पास इनके अंदर कोई भी हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं होता। वह सिर्फ सार्वजनिक methods को कॉल कर सकते हैं।

यह डाटा को छुपाने की विशेषता प्रोग्राम को अधिक सुरक्षित बनाती है।

Advantage of object oriented programming in Hindi

1. Re-Usability –

“Write once and use it multiple times” OOPs में हम क्लास की मदद से कोड को एक बार लिखकर बार-बार उसका यूज़ कर सकते हैं।

2. Redundancy –

यदि आपको सेम फंक्शनैलिटी को एक से ज्यादा क्लास में उस करना है। तो आप सिम फंक्शनैलिटी के लिए एक कॉमन क्लास बना सकते हैं। और उसे child class मैं यूज कर सकते हैं।

3. Easy maintenance –

पहले से मौजूद कोड को बनाए रखना और बदल करना आसान है। क्योंकि मौजूदा ऑब्जेक्ट में छोटा बदलकर के नया ऑब्जेक्ट बनाया जा सकता है।

4. Security –

Abstraction की मदद से सिर्फ आवश्यक डाटा प्रदान किया जाएगा। और बाकी डाटा को यूजर से छुपाया जाएगा। जिससे डेटा की सुरक्षा बनी रहेगी।

5. OOPs में प्रोग्राम को छोटे-छोटे पार्ट्स में तोड़ा जा सकता है जिससे प्रॉब्लम को हल करना आसान होता है।

6. OOPs में आसानी से छोटे सिस्टम से बड़े सिस्टम पर अपग्रेड किया जा सकता है।

7. OOPs में ऑब्जेक्ट के बेसिस पर काम को आसानी से बांटा जा सकता है।

Disadvantage of object oriented programming in Hindi

1. Size – object oriented program दूसरे programs की तुलना में बहुत बड़ा है।

2. Suitable – हम ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग को कहीं पर भी अप्लाई नहीं कर सकते। इसकी जहां पर जरूरत है वहीं पर इसका उपयोग किया जाता है। यह सभी प्रॉब्लम के लिए सूटेबल नहीं है।

3. Speed – size के कारण object oriented programs दूसरे programs की तुलना में स्लो है।

Object oriented programming language के उदाहरण

Simula पहली object-oriented programming language बनी थी। लेकिन आज के समय में दूसरी programming languages भी OOPs का यूज कर रही है।

लोकप्रिय OOPs languages:

Java
Python
C++

इसके अलावा PHP, .NET, JavaScript भी OOPs का यूज करती है।

यह भी पढ़ो –

OOPs के अलावा प्रोग्रामिंग करने के तरीके

Functional programming
Structured modular programming
Imperative programming
Declarative programming
Logical Programming

इस पोस्ट में हमने object oriented programming kya hai यह सीखा। यदि आपको यह पोस्ट अच्छी लगी हो तो कृपया इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करो।

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