Hacking क्या है? हैकर कितने प्रकार के होते है?

hacking ka matlab kya hai

हैकिंग का मतलब क्या होता है (what is hacking in Hindi)

हैकिंग का मतलब कंप्यूटर, स्मार्टफोन, टेबलेट, और नेटवर्क जैसे उपकरण का उपयोग करके उपयोगकर्ताओं के बारे में जानकारी इकट्ठा करना, डाटा की चोरी करना होय। लेकिन हमेशा यह एक दुर्भावनापूर्ण कार्य नहीं होता है।

हैकर्स आमतौर पर दो चिजोके पीछे भागते है: डेटा या पैसा, क्युकी डेटा से भी उन्हें पैसा मिलता है।

हैकिंग का इतिहास (History of Hacking/Hackers)

Hacking सबसे पहले 1970 में दुनिया में सुनाई पड़ा। लेकिन यह अगले दशक में बहुत लोकप्रिय हुआ। साइकोलॉजी टुडे के 1980 के संस्करण में एक लेखक ने कंप्यूटर के उपयोग की स्वीकृति की खोज में “द हैकर पेपर्स” यह शीर्षक देकर एक आर्टिकल लिखा था।

इसके 2 साल बाद दो फिल्में ट्रेन और वॉरगेम्स रिलीज हुई जिसमें मुख्य पात्रों में कंप्यूटर हैकिंग के बारे में बताया गया था।
इसके कारण ज्यादा लोगों तक हैकिंग का प्रसार हुआ।

“एथिकल हैकिंग” इस वाक्यांश का इस्तेमाल पहली बार 1995 में आईबीएम के उपाध्यक्ष जान पैट्रिक द्वारा किया गया था।

हैकर के प्रकार (Types of hacking/hackers)

सिस्टम को हैक करने के इरादे के आधार पर आकर को विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है।

1. White hat hacker (ethical hacker) – इन्हें एथिकल हैकर के नाम से भी जाना जाता है। यह अपने सिक्योरिटी रिसर्च का काम अच्छे के लिए करते हैं। यह किसी भी संस्थाओं को हैक करने से पहले उनसे परमिशन लेते हैं।

इसके बाद ही वह पेनिट्रेशन टेस्टिंग करते हैं। जिसमें वह सिक्योरिटी में कमियां ढूंढकर संस्थाओं की मदद करते हैं।

2. Black hat hacker – यह बुरे हैकर्स होते हैं जो हमेशा व्हाइट हट हैकर के विरुद्ध होते हैं। यह संस्थाओं के परमिशन के बिना ही उनके कंप्यूटर सिस्टम में कमियां ढूंढते हैं। पेनिट्रेट करते हैं। ज्यादातर यह लोगोंसे और कंपनीसे पैसा निकालने के लिए हैकिंग करते हैं।

यह बहुत ही खतरनाक होते हैं। यह वेबसाइट को खराब कर सकते हैं और पर्सनल जैसे कि पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड डिटेल्स चुरा सकते हैं।

3. Grey hat hacker – यह हैकर्स ना अच्छे होते हैं ना बुरे होते हैं। यह हैकर्स कंप्यूटर नेटवर्क में बिना परमिशन के हैक करते हैं। लेकिन ब्लैक हट हैकर के जैसे वह खुद के फायदे के लिए इंफॉर्मेशन का उपयोग नहीं करते। बल्कि वह वेबसाइट को मजे के लिए हैक करते हैं या वह इंफॉर्मेशन को किसी और को दे देते हैं।

4. Script Kiddies – इन्हें हैकिंग के संदर्भ में कोडिंग का कुछ भी पता नहीं होता यह सिर्फ दूसरों को दिखाने के लिए हैकिंग करते है। यह लोग कुछ हैकिंग टूल्स को चलाते हैं। जिन्हें कुछ एक्सपर्ट हैकर ने बनाया है। यह सिर्फ ऑटोमेटिक टूल्स को और आसान टूल्स को सीखते हैं।

लोगों को दिखाने के लिए यह अपने लैपटॉप के ऊपर हैकिंग के वॉलपेपर्स और स्टीकर लगाते हैं। इनका हैकिंग सीखने का कोई इरादा नहीं होता। यह चाहते हैं कि लोग उन्हें हैकर के नाम से सम्मान दें।

5. Blue hat hackers – यह हैकर किसी ने उन्हें गुस्सा दिलाया तो उसका बदला लेने के लिए कुछ पहले से बने हुए टूल्स का उपयोग करते हैं। इन्हें हैकिंग को अच्छे से सीखने की कोई रुचि नहीं होती।

6. Green hat hackers – यह हैकर्स भविष्य में हैकिंग सीखने के लिए बहुत ही ज्यादा उत्सुक होते हैं।इसलिए यह हमेशा हैकिंग के बारे में जितना हो सके उतनी इंफॉर्मेशन लेने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा यह सभी हैकिंग ग्रुप में और हैकिंग के संबंधित सोशल मीडिया पेजेस पर भी एक्टिव होते हैं।

7. Hacktivist – यह उन हैकर्स को कहा जाता है जो टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सोशल, रिलीजस, आईडियोलॉजिकल और पॉलीटिकल मैसेजेस को हैक करने के लिए करते है। यह हैकर्स ज्यादातर सरकार को अपना टारगेट बनाते हैं।

हैकिंग के चरण (Phases of Hacking)

हैकिंग के कुल मिलाकर 5 चरण (phases) होते हैं। जिन्हें हम एक-एक करके देखेंगे।

1. Reconnaissance – इस चरण को सूचना संग्रह चरण के रूप में भी जाना जाता है। यह हैकिंग का पहला चरण है जिसमें हैकर अपने टारगेट के बारे में सभी संभावित जानकारी जैसे टारगेट का आईपी ऐड्रेस, टारगेट का नेटवर्क यह माहिती जुटाते हैं। यह सक्रिय रुप से टारगेट के साथ सीधी बातचीत करके या निष्क्रिय रूप से एक मध्यस्थ के माध्यम से टारगेट के साथ अप्रत्यक्ष रूप से बातचीत करके किया जा सकता है।

2. Scanning – यह हैकिंग का दूसरा चरण है। इस चरण में हैकर का मुख्य उद्देश्य Reconnaissance चरण के दौरान एकत्र की गई जानकारी का उपयोग करके टारगेट के बारे में अधिक डेटा प्राप्त करना है।

हैकर आमतौर पर नेटवर्क मैंपर्स, पोर्ट स्कैनर्स आदि टूल का इस्तेमाल करते हैं।

3. Gaining Access – यह एक हैकर के लिए महत्वपूर्ण कदम है क्योंकि उसे पहले दो चरणों के दौरान एकत्रित की गई जानकारी का फायदा उठाकर सिस्टम तक पहुंच हासिल करनी होती है। उसे उन सेवाओं के दोहन के तरीकों के बारे में सोचने की जरूरत है जो उसने सूचना एकत्र करने के प्रारंभिक चरणों के दौरान सिस्टम के खुले बंदरगाहों पर खोजी होगी।

4. Maintaining Access – हैकिंग के चौथे चरण में हैकर को अपने कार्यों से सावधान रहने की जरूरत है और टारगेट के कंप्यूटर तक पहुंच बनाए रखने में सक्षम होना चाहिए। कनेक्शन लगातार होना चाहिए।

5. Covering Tracks – हैकिंग का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण किसी के द्वारा पकड़े नहीं जाना है। आखिरी चरण में हैकर टारगेट मशीन में अपनी मौजूदगी के सारे सबूत मिटाने की कोशिश करता है। वह टारगेट कंप्यूटर पर अपने कार्यों के परिणाम स्वरूप बनाई गई सभी लॉगइन को हटाने का प्रयास करता है और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करता है कि वह अप्राप्य है।

भारत के बेस्ट एथिकल हैकर्स कौन है?

आज के समय में बहुत ज्यादा बच्चे टेक्नोलॉजी से जानकार है इसलिए वह अपना करियर साइबर सिक्योरिटी में बनाना चाहते हैं क्योंकि भारत से निकले एथिकल हैकर दुनिया में अपना नाम कमा रहे हैं। और इसी से प्रेरणा लेकर बहुत से नए बच्चे इस फील्ड में अपनी रुचि दिखा रहे हैं।

मैंने भारत के कुछ सबसे बेस्ट एथिकल हैकर के नाम नीचे बताइए है।

  • Ankit fadia
  • Rahul tyagi
  • Trishneet Arora
  • Manan Shah
  • Sahil khan
  • Vaidehi Sachin

लेकिन हमने यहां पर उनके बारे में जानकारी नहीं दी है लेकिन हम एक और आर्टिकल लिखेंगे जिसमें हम इन हैकर के बारे में डिटेल में बताएंगे।

Hacking(हैकिंग) FAQ Section

इंडिया का नंबर वन हैकर कौन है?

Ankit Fadia (जन्म 1985) एक भारतीय लेखक, टेलीविज़न होस्ट, सुरक्षा चार्लटन और स्व-घोषित white-hat हैकर है.

दुनिया का सबसे बड़ा हैकर कौन है?

केविन मिटनिक को आजतक का दुनिया सबसे सर्वश्रेष्ट हैकर माना जा सकता है. इन्होने बहुत ही कम उम्र में हैकिंग सुरु कर दी थी. 1980 के दशक में North American Defense Command (NORAD).

दुनिया का पहला हैकर कौन है?

केविन डेविड मिटनिक (जन्म 6 अगस्त 1963), अमेरिकन कंप्यूटर सुरक्षा सलाहकार, लेखक और हैकर है.

एथिकल हैकिंग क्या है?एथिकल हैकिंग legal या illegal?

व्हाइट हैट हैकर्स कोही एथिकल हैकर्स कहा जाता है। यह अपने हैकिंग कुशलता का अच्छे के लिए उपयोग करते है। यह अपने हैकिंग स्किल का उपयोग करके सिस्टम की कमजोरियो को पहचानते है और उन्हें ठीक करते है। लेकिन इसके पहले यह सिस्टम के मालिक से लिखित अनुमति जरुर लेते है। इस तरह से एथिकल हैकिंग होती है, इसलिए एथिकल हैकिंग legal है।

मैं आपको सिर्फ एथिकल हैकिंग करने की सलाह दूंगा। अगर आप illegal या ब्लैक हैट हैकिंग करोगे तो आपका करियर बहुत जल्द खत्म हो जायेगा।

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