CSS क्या है? types of CSS in Hindi

मुझे खुशी है कि आप css क्या है यह जानना चाहते हैं। क्योंकि मैं भी एक computer science का छात्र हूं। और मुझे कॉलेज में ही पढाई के दौरान HTML, CSS, JavaScript यह computer languages सिखी थी।

और मुझे लगा कि हर व्यक्ति को जिसे कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी से प्यार है उसे यह languages सीखना चाहिए।

क्योंकि यह सीखने के बाद आपको एक अच्छी जॉब मिल सकती है। इसके अलावा आप इनकी मदद से खुद का ब्लॉग बनाकर ब्लॉगिंग करना शुरू कर सकते हो।

या फिर आप दूसरों की वेबसाइट बनाकर पैसा भी कमा सकते हो।

इस पोस्ट में मैं सिर्फ CSS के बारे में आपको बताने वाला हूं। लेकिन आपको HTML के बारे में जानना है तो हमने इसके ऊपर पहले ही पोस्ट लिखा है।

CSS क्या है (what is CSS in hindi)

CSS kya hai

CSS का full form है cascading style sheet.

CSS को HTML से बने web pages को आकर्षक बनाने के लिए यूज किया जाता है।

आप HTML से webpage का एक structure बना सकते हो और उस structure को ज्यादा आकर्षक बनाने का एकमात्र काम CSS करता है।

लेकिन आपको यह जानना जरूरी है कि CSS को आप सिर्फ HTML के साथ यूज कर सकते हो।

आप इसे ऐसे भी समझ सकते हो कि CSS, HTML का ही एक अंग है।

आप html के जैसे ही CSS का code भी किसीभी text editor में लिख सकते हो। (जैसे की Notepad, Notepad++, Vs code etc.)

CSS को HTML के साथ काम करने के लिए tags की जरूरत पड़ती है

जैसे कि आप HTML में tag के अंदर जो कुछ भी लिखते है उसे CSS की मदद से आकर्षक बनाने के लिए आपको उसे ऐसे लिखना होगा।

P {
text-align: center;
color: green;
}

ऐसे लिखने के बाद text-align इस property की मदद से आपके paragraph का संपूर्ण text, center में चला जाएगा।

वैसे ही colour property की मदद से paragraph के text का color, green होगा।

मैं आपको बता दूं कि यह काम आप 3 तरीके से कर सकते हो।

मतलब CSS के 3 प्रकार है

  1. Inline CSS
  2. Internal CSS
  3. External CSS

इन तीनों में से सबसे ज्यादा यूज और फायदा external CSS काही है। हम इनके बारे में आगे विस्तार से जानेंगे।

Types of CSS in Hindi

CSS क्या है? यह तो हमने समज लिया लेकिन अब हम जानेंगे कि CSS के कितने type है और सबसे ज्यादा use होने वाला type कौनसा है।

Inline CSS

Inline CSS को सिर्फ तब यूज किया जाता है जब आपको किसी एक tag में style करना होता है।

Inline CSS को यूज करने के लिए आपको उस tag के साथ <style> attribute लगाना होता है। और इसमें आप property और value लगा सकते हो।

<!DOCTYPE html>
<html>
<head>
<body>
<h1 style="color:blue; text-align:center;">this is a heading</h1>
<p style="color:red;">this is a paragraph</p>
</body>
</html>

Internal CSS in Hindi

Internal CSS की मदद से आप 1 सिंगल page को style कर सकते हो। इसे html page के अंदर ही लिखा जाता है इसलिए इसे internal CSS कहते हैं।

इसे यूज करने के लिए आपको उस page के<head> section में <style> tag लगाकर इसके बिच में अपना पूरा CSS code लिखना होगा।

आप निचे देख सकते है।

<!DOCTYPE html>
<html>
<head>
<style>
body{
       background-color:lightblue;
     }
h1{ 
       color:maroon;
       margin-left:40px;
  }
</style>
</head>
<body>
<h1>this a heading</h1>
</body>
</html>

External CSS in hindi

External CSS सबसे ज्यादा use होने वाला CSS type है।

क्योंकि इसकी मदद से आप सिर्फ एक file को change करके पूरे website का नक्शा बदल सकते हो।

इसके लिए आपको website के हर page के section में external stylesheet file को add करना होगा।

जो कि बहुत आसान काम है।

आपको यह ध्यान रखना है कि CSS file को .css extension के साथ सेव किया जाता है।

आप निचे देख सकते हो कि मैंने CSS file को HTML में link किया है।

<!DOCTYPE html>
<html>
<head>
<link rel=stylesheet type=text/css href="style.css"/>
</head>
<body>
<h1>this is a heading</h1>
</body>
</html>

हमने ऊपर यूज़ की हुई CSS file नीचे है। (style.css)

body {
background-color: lightgrey;
}
h1 {
color: redy;
margin-left: 20px;
}

CSS के फायदे – Benefits of CSS in hindi

CSS समय बचाता है –

जब CSS का आविष्कार नहीं हुआ था तब web developer को HTML से ही पूरा webpage, design करना पड़ता था।

और इसने बहुत ज्यादा समय लगता था।

लेकिन जब से CSS का आविष्कार हुआ है तबसे अलग से CSS file बनाकर उसे HTML के साथ यूज करने से ज्यादा समय बच रहा है।

Website की design change करने में आसान –

आप website के सिर्फ CSS file में बदलाव करके संपूर्ण website का लुक बदल सकते हो। इससे आपका website के डिजाइन को चेंज करने का काम आसान हो जाता है।

एक ही HTML page को अलग-अलग look देने के लिए –

जी हां! आप एक ही HTML Page पर CSS की अलग-अलग files को जोड़कर पेज का लूक बदल सकते हो।

यदि आपके पास 1 HTML file और 4 CSS files है तो आपकी website 4 अलग-अलग तरह से दिखेगी।

आपको बस CSS के file को HTML में add करना होगा।

Page फ़ास्ट load होने में मदद होती है –

HTML के साथ CSS को अलग से यूज करने से code कम लिखना पड़ता है।

क्योंकि वहां पर आप एकही tag पर अलग-अलग properties लगा सकते हो। जिसके कारण आपको बार-बार tags और attributes लिखना नहीं पड़ता।

Webpage को डिजाइन करने के लिए जितना कम code लिखा हो उतना अच्छा है। क्योंकि इससे webpage फास्ट लोड होता है।

मुझे लगता है कि आपको CSS के फायदे समझ आए होंगे।

CSS का इतिहास

CSS का आविष्कार Hakan wium lie ने 10 अक्टूबर 1994 में किया था। इन्हें father of CSS के नाम से भी जाना जाता है।

CSS को 1994 में एक web styling language के तौर पर जाना जाता था।

आखिर में..

दोस्त पूरे CSS को एक ही post में सिखाना संभव नहीं है। लेकिन मैं आपको CSS को संपूर्ण सीखने के लिए कुछ platform बताता हूं। जहां से आप CSS को आसानी से सीख सकते हो।

CSS को पढ़कर सीखने के लिए w3shools एक बेस्ट वेबसाइट है। लेकिन इसमें आपको अंग्रेजी भाषा दिखेगी।

इसके अलावा आप YouTube पर Yahoo Baba इसे चैनल से हिंदी में आसान भाषा के साथ complete CSS सीख सकते हो।

मुझे उम्मीद है कि आपको CSS क्या है यह समझ आया होगा लेकिन अगर आपको HTML क्या है पता नहीं तो आपको जरूर जाना चाहिए। क्योंकि इसके बिना CSS का कोई उपयोग नहीं है।

आप हमें comment में बताओ को आपको हमारी CSS की जानकारी कैसी लगी। ताकि हम और सुधार कर सके।

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